प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा 140 करोड़ लोग मेरा कवच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के 140 करोड़ों लोगों का भरोसा उनका सुरक्षा कवच है, जिसे विरोधियों के अपशब्दों और आरोपों से नहीं भेदा जा सकता. इसके साथ प्रधानमंत्री ने यूपीए के दस वर्षों को द लास्ट डिकेड करार देते हुए कहा कि इस वक्त दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है.
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग उनपर भरोसा अखबारों की सुर्खियों या टीवी विजुअल्स की वजह से नहीं करते. बल्कि लोगों की सेवा में उन्होंने अपना जीवन खपा दिया है. उन्होंने कहा, कुछ लोग अपने और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, लेकिन मोदी देश के 25 करोड़ परिवारों के लिए जी रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश अजर-अमर है. इसके बाद सत्तापक्ष के सदस्य मेज थपथपाकर मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे. विपक्षी सदस्यों ने मेज थपथपाते हुए अडानी-अडानी के नारे लगाए.
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का नाम लिए बगैर प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां जम्मू-कश्मीर की भी चर्चा हुई. जो अभी-अभी जम्मू-कश्मीर घूमकर आए हैं, उन्होंने देखा होगा कि वह कितनी शान ने वहां जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह भी लाल चौक पर झंडा फहराने का संकल्प लेकर कश्मीर यात्रा लेकर गए थे. तब आतंकियों ने पोस्टर लगाए थे कि देखते हैं किसने अपनी मां का दूध पिया है, जो लाल चौक पर झंडा फहराता है.
प्रधानमंत्री ने दुष्यंत की शायरी से भी निशाना साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए काका हाथरसी की पंक्तियां भी सुनाई. उन्होंने कहा कि देश उम्मीदों से भरा है, पर कई लोग निराशा से भरे हैं. काका हाथरसी ने ऐसे लोगों के बारे में कहा था कि आगा पीछा देखकर क्यों होते गमगीन, जैसी जिसकी भावना वैसा दिखे सीन. कांग्रेस का नाम लिए बिना उसके घटते जनाधार पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ीं. प्रधानमंत्री ने कहा कि तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं.
प्रधानमंत्री ने राहुल के देर से आने पर तंज कसते हुए जिगर मुरादाबादी का शेर पढ़ा. संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ये कह कहकर हम दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं.’

