
नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि प्रौद्योगिकी की मदद से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करेगा. उन्होंने कहा कि भारत बड़े स्तर पर आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा है. यह सुनिश्चित कर रहा है कि डिजिटल क्रांति का लाभ सभी तक पहुंचे.
मोदी आम बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे. इस शृंखला के तहत ‘क्षमताओं का दोहन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से जीवन सुगमता’ विषय पर उन्होंने कहा कि सरकार छोटे व्यवसायों के लिए अनुपालन लागत कम करना चाहती है. उन्होंने उद्योग से बेवजह अनुपालनों यानी अनुमतियों की एक सूची तैयार करने को कहा, जिन्हें खत्म किया जा सकता है.
एक हजार से अधिक हितधारकों ने भाग लिया पीएम ने कहा कि करदाताओं की समस्याएं हल करने को प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब आपकी शिकायतों और उनके हल के बीच कोई इंसान नहीं है, सिर्फ तकनीक है. वेबिनार में एक हजार से अधिक हितधारकों ने हिस्सा लिया. इनमें उद्योग संघ, शिक्षाविद, विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी एवं समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल थे.
21वीं सदी प्रौद्योगिकी की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर सभी वैज्ञानिकों और अन्वेषकों को बधाई दी. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर सभी वैज्ञानिकों और अन्वेषकों को मेरी शुभकामनाएं. भारत विज्ञान की दुनिया में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है. अनुसंधान और नवाचार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है. भारत सरकार ने 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी.
‘दिसंबर अंत तक हर कस्बे-तहसील में 5जी’
रिलायंस जियो के प्रमुख आकाश अंबानी ने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में व्यापक सुधार करने में मददगार साबित होगी. हम दिसंबर अंत तक देश के हर कस्बे और तहसील तक 5जी सेवा पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.
एमएसएमई की बाधाओं को पहचानें प्रधानमंत्री
मोदी ने छोटे एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के सामने आने वाली बाधाओं की पहचान करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि बजट या किसी भी सरकारी नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कितनी अच्छी तरह से तैयार किया गया है. साथ ही लोगों का सहयोग भी जरूरी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि 5जी और एआई (कृत्रिम बुद्धिमता) जैसी तकनीक चिकित्सा, शिक्षा, कृषि क्षेत्रों को बदलने के लिए तैयार हैं. 21वीं सदी प्रौद्योगिकी से चलने वाली है.
