
उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है, ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार और जिम्मेदार विभाग की तरफ से अब कड़े नियम लागू किए गए हैं. ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच बने 165.5 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार (15 दिसंबर) से निर्धारित गति से गाड़ी चलाने का नियम लागू किया गया. इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान तय कर दिया गया था. बुधवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर 1 हजार से अधिक गाड़ियों का चालान कट चुका है, जिन्होंने गति सीमा का उल्लंघन किया है. गुरुवार को भी रिपोर्ट मिलने तक भारी संख्या में यमुना एक्सप्रेस वे पर गाड़ियों के चालान काटे गए हैं.
यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे पर 15 दिसंबर 2022 से 15 फरवरी 2023 तक नई स्पीड लिमिट तय की गई थी. इसके अनुसार इस एक्सप्रेस-वे पर हल्के वाहनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों को 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चलने की अनुमति थी. इसका उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपया जुर्माना लगाने का नियम लागू किया गया था. बुधवार को 1 हजार से अधिक वाहनों का ओवर स्पीड की वजह से चालान कटा. एक अनुमान के मुताबिक लगभग 50 हजार से अधिक वाहन प्रतिदिन यमुना एक्सप्रेस-वे से गुजरती है. बीते वर्षों में देश के कई एक्सप्रेस-वे पर ठंड में कोहरे और धुंध के प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं, जिसको देखते हुए एक्सप्रेस वे पर इन दिनों एक विशेष गति सीमा तय की जाती है.
आगरा से नोएडा 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के चलते यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने नए निर्देश लागू किए हैं. आगरा के खंदौली टोल प्लाजा इंचार्ज रिटायर्ड मेजर मनीष ने बताया कि अथॉरिटी ने कोहरे को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर कारों की गति 100 से घटाकर 75 व भारी वाहनों की गति 60 किमी प्रतिघंटा निर्धारित कर दी है. 28 फरवरी तक यह नियम लागू रहेगा.
यमुना विकास प्राधिकरण अथॉरिटी नोएडा के निर्देश पर वाहनों की रफ्तार को कम करने संबंधी आदेश टोल कंपनी जेपी ग्रुप को दिए गए हैं. निर्देशों में साफ है कि अगर कोई वाहन चालक तय रफ्तार से अधिक स्पीड में वाहन चलाता है तो सीसीटीवी कैमरे वाहन की नंबर प्लेट का फोटो खींच लेंगे, जिससे वाहन का डाटा सीधे एनआईसी के पास पहुंच जाएगा और चालान कट जाएगा.



