
लखनऊ . एनआईए की विशेष अदालत ने मंगलवार को प्रतिबंधित संगठन आईएस के सात आतंकियों को फांसी और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई . इन पर बम धमाकों की साजिश, देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने व देश विरोधी क्रियाकलापों के आरोपों के अलावा भारी मात्रा में गोला बारूद रखने का आरोप है.
एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने अपने फैसले में फांसी की सजा के साथ-साथ सभी आरोपियों को अलग-अलग अर्थ दंड की सजा भी सुनाई है.
कानपुर से पकड़ा गया था फैसल एनआईए के विशेष अधिवक्ता एमके सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष चन्द्र सोनकर ने 8 मार्च 2017 को दर्ज कराई थी. इसके अनुसार सूचना मिल रही थी आईएस मुस्लिम नौजवानों को अपने संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है. सात मार्च 2017 को पता चला कि आईएस सदस्य फैसल व अन्य ने मध्यप्रदेश के शाजापुर में ट्रेन में विस्फोट करवाया है. इसके बाद फैसल को कानपुर से गिरफ्तार गया था. वहीं इस मामले में बाद में लखनऊ में मुठभेड़ में सैफुल्ला मारा गया था.
एक अन्य को आजीवन कारावास
जिनको फांसी की सजा सुनाई गई है उनमें मोहम्मद फैसल, आसिफ इकबाल उर्फ राकी, सैयद मीर हुसैन, मोहम्मद दानिश, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद अजहर एवं गौस मोहम्मद खान शामिल हैं. एक अन्य दोषी आतंकी आतिफ ईरानी को अदालत ने उम्रकैद व जुर्माना की सजा से दंडित किया है. अदालत द्वारा जिनको फांसी की सजा सुनाई गई उन सभी के बारे में कहा गया है कि उन्हें तब तक गर्दन से लटकाया जाए जब तक कि उनकी मृत्यु न हो जाए. मंगलवार को सजा सुनाए जाने के समय सभी आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित थे.



