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क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएं सुप्रीम कोर्ट  के फैसले

नई दिल्ली .  केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रयास कर रही है, जिसमें इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे विषयों को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का विकल्प शामिल है. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत में कई भाषाएं हैं, जो हमारी सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ाती हैं.

इससे पहले शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने मुंबई में कहा कि हमारे मिशन का अगला कदम सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले की अनुवादित प्रतियों को हर भारतीय भाषा में उपलब्ध कराना है. जब तक हम अपने नागरिकों तक उस भाषा में नहीं पहुंचते जिसे वे समझ सकते हैं, हम जो काम कर रहे हैं वो 99 फीसदी लोगों तक नहीं पहुंच रहा है. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया.

पीएम मोदी ने पिछले साल कई बार अदालतों में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि चूंकि कानून की अस्पष्टता जटिलता पैदा करती है, नए कानूनों को स्पष्ट तरीके से और क्षेत्रीय भाषाओं में न्याय में आसानी लाने के लिए लिखा जाना चाहिए ताकि गरीब भी उन्हें आसानी से समझ सकें. उन्होंने कहा कि कानूनी भाषा नागरिकों के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए. पीएम ने कहा कि भारत में कई भाषाएँ हैं. केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रयास कर रही है, जिसमें इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे विषयों को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का विकल्प शामिल है.”

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