
श्रीनगर. नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की सख्ती के चलते वहां से घुसपैठ कम हो गई है लेकिन इसके बाद सीमपार से सक्रिय आतंकी समूहों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. वे जम्मू से लेकर पंजाब तक की शांत समझी जा रही अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल अपने नापाक मंसूबों की खातिर करने की कोशिश में हैं. इसके बाद सेना ने सुरक्षा बलों की मदद से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी है.
ड्रोन के जरिये हथियार, विस्फोटक और रुपये पहुंचाने के प्रयास सेना के सूत्रों ने कहा, सेना और सुरक्षा बलों के कड़े रुख के कारण एलओसी से घुसपैठ करीब-करीब बंद हो चुकी है.
इससे न तो सीमापार से आतंकी घुस पा रहे हैं और न ही हथियारों की आपूर्ति कर पा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने ड्रोन के जरिये घाटी में आतंकियों तक हथियार, विस्फोटक और रुपये पहुंचाने के प्रयास किए थे. कुछ सफल भी हुए लेकिन अब सेना ने ड्रोन को मार गिराने का अभियान शुरू कर दिया है. इसके बाद आतंकियों ने फिर अपनी रणनीति बदली है.
अब वे ड्रोन के जरिये पंजाब से लेकर जम्मू तक की सीमा से हथियार, विस्फोटक, रुपये औक नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे हैं. बता दें कि पिछले दिनों सेना प्रमुख मनोज पांडे भी इस बात को कह चुके हैं कि आतंकी पंजाब और जम्मू सीमा से घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं.
सीमा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड सक्रिय
सेना के सूत्रों ने कहा, पंजाब से लेकर जम्मू तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड को सक्रिय कर दिया गया है. खुफिया सूचनाओं, ड्रोन की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखी जा रही है. सीमावर्ती क्षेत्रों में एंटी ड्रोन तकनीक भी स्थापित की गई है ताकि ड्रोन की घुसपैठ को विफल किया जा सके. बता दें कि पिछले साल घुसपैठ के 12 प्रयास जानकारी में आए थे जिन्हें ग्रिड ने विफल कर दिया था और इसमें 18 आतंकी मारे गए थे. जबकि 2017 में घुसपैठ के चार सौ से ज्यादा मामले हुए थे. हालांकि उसके बाद इनमें कमी आई है लेकिन 2021 में भी 73 घटनाएं हुई थी.
जैश के मॉड्यूल का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर उसके छह सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया. इनके ठिकानों से एक पिस्तौल, एके राइफल की कई मैगजीन, एम-4 राइफल के 446 कारतूस, हथगोला, इनसास की एक मैगजीन आदि बरामद हुई.


