राष्ट्र

जंतर-मंतर पर पहलवानों ने महिला सांसदों का साथ मांगा

नई दिल्ली . पहलवानों के समर्थन में रविवार शाम को दिल्ली के 360 गांवों में कैंडल मार्च निकाला गया. पालम 360 खाप के प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि देश के खिलाड़ी न्याय की उम्मीद में पिछले कुछ समय से धरने पर हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. पिछले दिनों गांवों की पंचायत में यह निर्णय लिया गया था कि दिल्ली के सभी 360 गांवों में खिलाड़ियों के समर्थन में कैंडल मार्च निकाला जाएगा. उसी के मद्देजनर गांवों में कैंडल मार्च का आयोजन हुआ. खिलाड़ियों को जब तक न्याय नहीं मिल जाता, पालम 360 खाप मजबूती से उनके साथ खड़ी है.

जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों ने इंसाफ और समर्थन की मांग को लेकर भाजपा की महिला सांसदों को पत्र लिखा है. भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को लेकर पहलवानों का धरना रविवार को 22वें दिन भी जारी रहा. वहीं, पहलवानों ने ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा भारतीय कुश्ती संघ को भंग करने के फैसले को पहली जीत बताया.

धरना स्थल पर अलग-अलग पार्टियों के सांसद, किसान, महिला और छात्र संगठन समेत खाप प्रतिनिधि समर्थन देने पहुंचे. प्रेस वार्ता में पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि 22 दिन से यहां बैठे हैं. अभी तक सत्तारूढ़ भाजपा से महिला सांसद आकर हमारे साथ नहीं बैठी है. बेटियों के सम्मान के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. भाजपा की सभी महिला सांसदों को समर्थन में आने के लिए ईमेल और पत्र लिखेंगे. पहलवानों ने कहा कि समर्थन में पहुंचे लोगों से 16 मई को सभी जिला मुख्यालय के सामने जाकर ज्ञापन देने और एक दिन के लिए सत्याग्रह करने की अपील की.

न्याय की आवाज लगातार बढ़ती जा रही पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा कि पूरे देश में बेटियों की न्याय की आवाज लगातार बढ़ती जा रही है. ओलंपिक एसोसिएशन ने भारतीय कुश्ती संघ को भंग किया है.

यह भारत की बेटियों की न्याय की लड़ाई में जीत का पहला कदम है. हमारी लड़ाई की शुरुआत हो चुकी है. न्याय न मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी. पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि हम अपराधी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. लड़ने के लिए बहुत ताकत और समर्थन चाहिए. जो लोग अभी तक नहीं आए हैं, वे थोड़ा समय निकालकर समर्थन देने पहुंचें.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button