महिला आक्रोश से गूंजा भोपाल: सीएम डॉ. मोहन बोले- बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर दी जाएगी सजा
सरकार बहनों के निर्णय के साथ

भोपाल। ‘महिला आरक्षण बिल न पास होने पर कांग्रेस ने उसका मजाक उड़ाया। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी को शर्म आनी चाहिए। प्रियंका बड़ी-बड़ी बातें करती थीं, कहती थीं मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। अब उनकी ये बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब बहनों के अधिकार का उन्होंने गला घोंट दिया। कांग्रेस ने आजादी के समय शुरू की अपनी परंपरा को निभाया। प्रियंका-राहुल के पिता ने भी तीन तलाक के कानून को लेकर बहनों के अधिकार पर डाका डाला था।’ यह बातें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहीं। सीएम डॉ. यादव 20 अप्रैल को भोपाल में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करने आईं हजारों बहनों का वंदन भी किया। उन्होंने कहा कि इस आक्रोश को देश के सामने लाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये जो आपके अंदर की आग है, अपने हक की आग है, इसे बुझने नहीं देना है। कांग्रेस और उसके साथी विपक्षी दलों ने बहनों के हक पर डाका डाला है। वे अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकते। भारत में बहनों के हक के लिए भाइयों ने सदैव लड़ाइयां लड़ीं। राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई शुरू की। ज्योतिबा फुले ने नारी समानता के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बहनों को अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई शुरू की। महात्मा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के हक में आवाज उठाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, नारी सब भूल जाती है, कभी अपना अपमान नहीं भूलती। यह हमको याद रखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पार्टी ने चाहा था कि सब दल मिलकर इसका समर्थन करें, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। देश की आधी आबादी की इच्छा का गला घोंटने वालों आपको कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी। आपने बहनों के साथ अन्याय किया है। आपको ये बहनें माफ नहीं करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मन में इस बात का आक्रोश है कि हमारे बहनों के लिए जो अवसर मिला था, उसे विपक्ष ने कुचल दिया। हमारी परंपरा तो मातृ सत्ता की रही है। जब तक हम सीता नहीं बोलते, तब तक भगवान राम भी आशीर्वाद नहीं देते। जब तक राधा को याद नहीं करो, तब तक कन्हैया भी मुस्कुराते नहीं हैं। उनका आशीर्वाद नहीं मिलता है। बिना माता के महादेव का आशीर्वाद कैसे मिल सकता है। आज भोपाल से पदयात्रा निकल रही है। इस आक्रोश को पूरे देश के सामने लाना है। बहनों ने अक्षय तृतीया पर यहां आकर लोकतांत्रिक मार्ग को अपनाया है। इस बात के लिए मैं बहनों का वंदन करता हूं। हमारी सरकार बहनों के निर्णय के साथ खड़ी है। हर जगह निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा करेंगे।




